लखनऊ में डिस्कनेक्शन अभियान: 15 दिन का नोटिस नियम और देर से भरे बिल पर कितना बोझ बढ़ता है

लखनऊ में 23 अक्टूबर से बकाएदारों के घरों पर चेकिंग टीमें पहुंचनी शुरू. 15 दिन का नोटिस नियम, सरचार्ज का हिसाब और 24 घंटे में रीकनेक्शन की प्रक्रिया समझिए.

shiksha
Joined: Oct 21, 2026 ·Articles: 8

Hello there, I am shiksha. I joined this website on 21-Oct-2026. Feel free to share my articles on social media.

शुक्रवार, 23 अक्टूबर से लखनऊ में बकाएदार उपभोक्ताओं के घरों पर बिजली विभाग की चेकिंग टीमें पहुंचनी शुरू हो गई हैं. बड़े बकाएदारों को अंतिम चेतावनी दी जा चुकी है. जहां बकाया नहीं जमा हुआ, वहां कनेक्शन काटा जा रहा है, और फिर बिल बकाया के ऊपर पेनल्टी और अतिरिक्त चार्ज जोड़कर भरना पड़ता है.

अगर आपका कोई बिल लंबित है, या कोई बिल जिसे आप गलत मानते हैं, तो यह जानने का सही हफ्ता है कि विभाग क्या कर सकता है, और कानून में लिखे कदम पूरे किए बिना क्या नहीं कर सकता.

बकाए राशि ₹5,000 पर सरचार्ज महीने दर महीने कैसे बढ़ता है — आंकड़े: UPERC विलंब भुगतान सरचार्ज प्रावधान (पहले 1.25%, फिर 2% प्रति माह), हिंदुस्तान टाइम्स के हवाले से
बकाए राशि ₹5,000 पर सरचार्ज महीने दर महीने कैसे बढ़ता है — आंकड़े: UPERC विलंब भुगतान सरचार्ज प्रावधान (पहले 1.25%, फिर 2% प्रति माह), हिंदुस्तान टाइम्स के हवाले से

अभियान क्या है

23 अक्टूबर को News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, विभाग पहले बकाएदारों से बकाया चुकाने का अनुरोध कर रहा है. लखनऊ मध्य जोन के मुख्य अभियंता रवि अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार से चेकिंग अभियान शुरू हुआ और बड़े बकाएदारों को अंतिम चेतावनी दी जा रही है. शुरुआती जांच में कुछ उपभोक्ता सीधे खंभे से बिजली उठाते भी पकड़े गए, उन पर अलग से कार्रवाई हो रही है.

विभाग की सलाह सीधी है: कनेक्शन कटने से पहले बकाया बिल जमा कर दें. डिस्कनेक्शन के बाद वही बिल बड़ा होकर लौटता है, क्योंकि बकाया के ऊपर पेनल्टी और अतिरिक्त चार्ज जुड़ जाते हैं.

15 दिन का नोटिस कानूनी जरूरत है, मेहरबानी नहीं

बिना भुगतान पर कनेक्शन काटने का मामला विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 56 से तय होता है. वितरण कंपनी किसी की सप्लाई तब तक नहीं काट सकती जब तक कम से कम पंद्रह दिन का स्पष्ट लिखित नोटिस न दिया जाए. यूपी इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कोड ब्योरा जोड़ता है: नोटिस में डिस्कनेक्शन की तारीख होती है, और वह तारीख 15 दिन से पहले की नहीं हो सकती. कनेक्शन केवल अधिकृत अधिकारी ही काट सकता है, आमतौर पर मीटर हटाकर या खंभे पर लाइन डिस्कनेक्ट करके.

इसी कानून में दो सुरक्षा कवच भी हैं. अगर आप बिल को ज्यादा मानते हैं और उसे चुनौती देते हैं, तो दो रकमों में से जो छोटी हो, वह विरोध के साथ जमा कर सकते हैं: या तो मांगी गई रकम, या पिछले छह महीने के आपके औसत मासिक बिल की रकम. यह जमा होते ही विवाद तय होने तक सप्लाई नहीं कटती. और धारा 56(2) के तहत, जो रकम लगातार वसूली योग्य बकाया नहीं दिखाई गई, उसे देय होने की तारीख से दो साल बाद वसूला नहीं जा सकता.

देर से भरे बिल पर कितना बोझ बढ़ता है: सरचार्ज का हिसाब

इंतजार मुफ्त नहीं है. UPERC के टैरिफ प्रावधानों के तहत विलंब भुगतान सरचार्ज देरी के पहले तीन महीने 1.25% प्रति माह और उसके बाद 2% प्रति माह लगता है, जो बकाया बिल की राशि पर (सरचार्ज को छोड़कर) दिन के हिसाब से जुड़ता है. यह चक्रवृद्धि नहीं होता, पर रुकता भी नहीं.

₹5,000 के बकाया मूल पर बढ़त ऐसे बनती है (उदाहरण के तौर पर):

कितने महीने बकायाजुड़ा सरचार्जकुल देय
1₹62.50₹5,062.50
3₹187.50₹5,187.50
6₹487.50₹5,487.50

अपने हिसाब से देखना हो तो इंतजार का फैसला लेने से पहले अपने आंकड़े बिल कैलकुलेटर में डालकर देखें.

कनेक्शन कट चुका है तो

सप्लाई कोड रीकनेक्शन के लिए भी समय की घड़ी बांधता है. आप सब-डिविजन कार्यालय में नोटिस की प्रति, बकाया जमा होने की रसीद और निर्धारित डिस्कनेक्शन व रीकनेक्शन शुल्क के साथ आवेदन देते हैं. पूरा आवेदन मिलने के 24 घंटे के भीतर सप्लाई बहाल होनी चाहिए. अगर सर्विस केबल दोबारा बिछानी पड़े, तो समय 48 घंटे है.

आपको क्या करना चाहिए

  • आज ही UPPCL पोर्टल या ऐप पर अपना खाता देखें. वहां बकाया या निकला हुआ देय तारीख है, तो नोटिस आने से पहले चुका दें. अभियान पहले बड़े बकाएदारों पर है, पर हर देर से भरे बिल पर सरचार्ज चलता है.
  • अगर आपका बिल गलत लगता है, तो नोटिस को नजरअंदाज न करें. छोटी रकम विरोध के साथ जमा करें, सप्लाई चालू रहने दें, और विवाद को आगे बढ़ाएं. बिल पर क्या देखना है, यह डिफेक्टिव बिल कोड की गाइड बताती है.

स्रोत

  • News18 हिंदी, "बिजली बकाएदारों का अब कटेगा कनेक्शन", 23 अक्टूबर 2026
  • विद्युत अधिनियम, 2003, धारा 56 (India Code / Indian Kanoon)
  • यूपी इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कोड, 2005 (संशोधन सहित), UPPCL, खंड 4.39 और 8.1
  • हिंदुस्तान टाइम्स, लखनऊ, UPERC विलंब भुगतान सरचार्ज प्रावधानों पर (तीन महीने 1.25%, उसके बाद 2%)
Please login to like, subscribe, or manage this article.
26 views  ·
Loading next and previous posts...

Leave a comment

You must logged in to comment
You can write up to 1000 letters.

Loading...

Loading comments...
Footer - Bijlibabu

Bijli Babu is a team of independent engineers dedicated to simplifying electricity issues for UPPCL consumers and employees. Our tools, like bill and estimate calculators, empower you with clear solutions, free from any UPPCL or government affiliation.

The key focus areas of Bijlibabu include:
  • Recompute your electricity bill, estimate new‐connection or infrastructure costs, and calculate penalties for meter tampering or theft.
  • Quickly find official UPPCL orders, regulations, supply codes and board directives in one place.
Connect with Bijlibabu
Search Our Site

Find articles, questions, documents and resources instantly.

Copyright © 2026 · All rights reserved

Loading page...