आगे त्योहारों के दस दिन हैं, और बिजली विभाग को साफ निर्देश मिल चुका है कि पूरे दौर में बत्तियाँ जलती रहें। 3 नवंबर को यूपीपीसीएल मुख्यालय ने नवंबर के त्योहारों के दौरान निर्बाध और सुरक्षित आपूर्ति के निर्देश जारी किए। अगले ही दिन पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम (मेरठ), जो मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़ और आसपास के जिलों में सप्लाई चलाता है, ने यह आदेश अपने क्षेत्रीय कार्यालयों तक पहुंचा दिया — संदेश साफ था: धनतेरस से छठ अर्घा तक कोई ट्रिपिंग नहीं, कोई शटडाउन नहीं।
विभाग किन तारीखों के हिसाब से चल रहा है
| त्योहार | तारीख |
| धनतेरस, धनवंतरी जयंती | 6 नवंबर |
| नरक चतुर्दशी (छोटी दीपावली) | 7 नवंबर |
| दीपावली | 8 नवंबर |
| गोवर्धन पूजा | 10 नवंबर |
| भई दूज, विनायक पूजा | 11 नवंबर |
| छठ व्रत प्रारंभ (नहाय-खाय) | 13 नवंबर |
| संध्या अर्घा | 15 नवंबर |
सप्लाई के घंटे: कहाँ क्या बदलेगा
शहरी इलाकों और जनपद मुख्यालयों में 24x7 आपूर्ति पहले से चलती है, इसलिए शहरी उपभोक्ताओं के लिए यह आदेश मुख्य रूप से उसी को त्योहारों के दबाव में बनाए रखने की बात है। असली बदलाव गाँवों में है। ग्रामीण फीडरों पर आम दिन में करीब 18 घंटे आपूर्ति होती है, जो पिछले कुछ महीनों में बढ़कर करीब 21 घंटे हुई थी। त्योहारों की इस विंडो में, 6 से 15 नवंबर, ग्रामीण इलाकों को शहरों की तरह पूरे 24 घंटे आपूर्ति मिलनी है।
गाँव के घर के लिए यही सबसे अहम हिस्सा है। दीपावली की रात दीये और चूल्हा बिना कट के देर रात तक चलेंगे, और छठ में पूर्वाह्न और संध्या दोनों अर्घा के समय आपूर्ति बनी रहेगी। ग्रामीण फीडरों पर शाम के उस मामूली घंटे में बिजली जाना आपने देखा होगा — यही दस दिन के लिए वह ठहराव इस आदेश ने टाल दिया है।
आदेश क्षेत्रिय कर्मचारियों से क्या करवाता है
निर्देश व्यावहारिक हैं, और ऐसे लगते हैं जैसे उन्हें किसी ने त्योहारों का दौर पहले भी संभाला हो:
- 33 केवी और 11 केवी फीडरों का लाइन क्लियर-अप, और हर ट्रांसफार्मर, ग्रिड व फीडर सर्किट की जांच, ताकि कोई फॉल्ट बनकर इंतजार न कर रहा हो।
- हर डिविजन में स्पेयर पार्ट्स पहले से मौजूद।
- कोई शटडाउन नहीं। त्योहार की विंडो में कोई प्लान्ड आउटेज नहीं चलेगा।
- रिपेयर क्रू पहले से संवेदनशील जगहों पर तैनात, खासकर बाजारों, मंदिरों, पूजा पंडालों और छठ घाटों के पास, ताकि कुछ भी ट्रिप हो तो वहीं से रिस्टोरेशन शुरू हो जाए।
- फीडरों का लोड विभाग के MIS से निगरानी, और किसी सर्किट पर दबाव दिखते ही कार्यवाही।
- बाजारों, मंदिरों और घाटों को प्राथमिकता पर निर्बाध, ट्रिपिंग-रहित आपूर्ति।
- त्योहारों के दिनों में कर्मचारियों और अधिकारियों की 24x7 रोस्टर तैनाती।
- 1912 हेल्पलाइन चारों ओर से चालू रहनी चाहिए।
- एनफोर्समेंट विंग भी छुट्टी पर नहीं: बिजली चोरी के खिलाफ जांच कार्यवाही जारी रहेगी, और इलेक्ट्रिक रिपेयर दुकानों को लोकेशन सहित मैप किया जा रहा है ताकि सीईए (CEA) के लाइन-सेफ्टी नियम वाकई लागू हों।
इसका मतलब आपके लिए क्या है
उपभोक्ता के लिए यह आदेश छोटे तरीकों से दिखेगा। आपके इलाके में वे रूटीन मेंटेनेंस कट नहीं आएंगे जो अकसर बे-संख से त्योहार के दिन पर गिर जाते हैं। अगर कोई फॉल्ट लग भी जाए, तो क्रू संभावना है पास ही होगा, क्योंकि उसे जानबूझकर भीड़-भाड़ वाले बाजारों और घाटों के पास खड़ा किया गया है। छठ घाटों पर बिजली की व्यवस्था और सेफ्टी जांच पहले से हो चुकी होगी, त्योहार के दिन नहीं।
दो बातें याद रखिए। पहली, बिजली जाए तो 1912 पर कॉल कीजिए और अपना केएनओ (KNo) साथ रखिए; हेल्पलाइन खुद इस आदेश का हिस्सा है। दूसरी, त्योहार का यह संरक्षण सप्लाई के लिए है, बकाया के लिए नहीं। वसूली और डिसकनेक्शन अभियान त्योहारों में रुकते हैं और बाद में फिर शुरू होते हैं, जैसा कि हमने लखनऊ डिसकनेक्शन अभियान और 15 दिन के नोटिस के नियम वाली पिछली रिपोर्ट में समझाया था। अगर आपका बिल बकाया है, तो त्योहार की यही विंडो उसे चुकाने का अच्छा समय है।
स्रोत: पीवीवीएनएल (मेरठ) प्रबंध निदेशक कार्यालय की पत्रांक 6865 दिनांक 04.11.2026, जिसके साथ यूपीपीसीएल निदेशक (वितरण) का पत्रांक I/68748/2026 दिनांक 03.11.2026 — दीपावली एवं छठ पूजा के दौरान निर्बाध एवं सुरक्षित विद्युत आपूर्ति पर।